
कितना खूबसूरत नजरा है।
ढलते हुए सुरज का प्यार लहरो पर छाया है ।
निले आसमान के नीचे समंदर है
समंदर के उपर इन्सान पंछी बनकर जिंदगी के मज़े ले रहा है
धरती की रूह हरियाली से छाही है
रंग-बिरंगी फुल हवा की लहरों के साथ गुन गुना रहे है
और बडी शान से बयान कर रही है
इंसान हमारी खुबसूरती कॅमेरे मे कैद करके ले जा रहा है।
जिंदगी के हसीन पल दिल में सनजोके लिये जा रहा है
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