जब उम्मीद के सारे दरवाजे बंद हो जाये तब, सब कुछ भगवान पर छोड़ देना चाहिए क्योंकि भगवान के दरबार में देर है पर अंधेर नहीं हैं. बस ईमानदारी से जिंदगी जीना, जहा बेईमानी की सुई चुभ जाये तो सारी खुशियाँ गम की खून से लथ-पथ हो जायेंगी.तब जिंदगी को सवरना बड़ी मुश्किल हो जायेंगी.