जिंदगी एक जंग

जिंदगी ना मिलेगी दुबारा जीले अपनी जिंदगी स्टाईल मे यारा

कल कैसा गुजरा इसका हिसाब मत कर आने वाले कल की फिर्याद मत कर

आज का वक्त तेरे हाथ मे है जीले अपनी जिंदगी जो पल तेरे साथ मै है

सुख और दु:ख आते और जाते है पैढ -पोधे भी कडी धूप मै अपने पत्ते छोड जाते है

जब अपने ही खुदगर्ज (मतलबी )की भीड मे को जाते है तो किसी और से क्या शिकायत करना

खुद की किस्मत खुद बदल ना तू किसी जन्नत की ख्वाईश मत करना तू

सच्चाई का नूर तेरी रोशनी बनकर छायेगा झूट की जंजिरे को मिट्टी मे ले जायेगा

बदल जायेगी किस्मत बस खुद पर तू विश्वास कर सच्चाई की राह पर हौसलों की चाह कर

बस सच्चे दिल से तू कोशिश कर थक जाये तू तो वही से शुरुवात कर

क्योकिं ना एक दिन कट जायेगा तेरा ये सफर बस खुद पर तू विश्वास कर

कामयाबी तेरी सिर पर ताज सजायेगी बस तेरा वजूद ही तेरी पहचान बन जायेंगी

बदलेगी तेरी दुनिया पर तू ना कभी बदलना क्योंकि यही एक कडवी सच्चाई है जिंदगी अपनो के सिवा जीना यह सबसे बडी सजा है

One reply to “जिंदगी एक जंग

Comments are closed.

Design a site like this with WordPress.com
Get started
close-alt close collapse comment ellipsis expand gallery heart lock menu next pinned previous reply search share star